ഗവൺമെന്റ് എച്ച്. എസ്. എസ്. ഫോർ ഗേൾസ് ആറ്റിങ്ങൽ/അക്ഷരവൃക്ഷം/सुधार
सुधार
मनुष्य भूमि जैसे एक सुंदर वरदान का प्रतिदिन शोषण करते जा रहे हैं। ऐसा करने से हम अपना जीवन ही नहीं बल्कि बेगुनाह जानवरों को भी खतरे में डाल रहे हैं। यह कहानी भी इसी समस्या के बारे में चर्चा करती है। 'सुधार' एक ऐसे आदमी की कहानी है जो अपने भाषण से नई पीढ़ी को सुधारना चाहता है।
जैसे सबको पता है कि प्रकृति का संरक्षण किए बिना हम जी नहीं सकते वैसे राम को यह बात पता था। फरक सिर्फ इतना था कि प्रकृति संरक्षण के बारे में बच्चों को ज़्यादा जानकारी देते हुए वह पैसे कमाता था। वैसे भी इस काम को वह बिल्कुल बुरा नहीं मानता। प्रकृति का महत्व सिर्फ दूसरे बच्चों को ही नहीं , बल्कि अपनी बेटी मुन्नी को भी राम समझाता था।
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