एक साल खत्म हो गया कभी याद नहीं जाएगा मिट्टी और पेड चली गई बाढ में बच्ची ,घर और परिवार चली गई कल क्या होगा? मेरे मन में वे दिन निकला नहीं दुरघटन वापस नहीं आएगा अच्छा नया साल आएगा वैष्णवी कृष्णा. एम