"ഗവൺമെൻറ്. എച്ച്.എസ്.എസ് മാരായമുട്ടം/അക്ഷരവൃക്ഷം/आँखें खोलो ईश्वर" എന്ന താളിന്റെ പതിപ്പുകൾ തമ്മിലുള്ള വ്യത്യാസം

44029 (സംവാദം | സംഭാവനകൾ)
ശൂന്യമായ താൾ സൃഷ്ടിച്ചു
 
44029 (സംവാദം | സംഭാവനകൾ)
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| തലക്കെട്ട്= आँखें खोलो ईश्वर
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<centre><poem>
उश दिन वे आए
जब वे आए
सब लोग परेशान हुए
लेकिन कैसे है यह
कौन है वह ?
    जब हम समझ गए कि
    वह है कोरोणा
    तब समय जा चुका था
    दुनिया भर वह फैल गया था ।
जब हाथ दिया जाता है
तब वह आता है साथ
जब हाथ धोता है साहुन से
वह चला जाता है ।
    उस पर विजय पाने केलिए
    हमें सामूहिक दूरी बनाए रखना है
    उसके आगमन को रोकने केलिए
    घरों में ही रहना है ।
घरों में खुशियाँ आयी
दोस्त बन गए किताबें
मुक्त हो गे लोग समय के बंधन से
बन गए रिश्ते सफल ।
  खुश हुए पशु- पक्षी और धर्ती माँ
  कोई त्योहार नहीं , कोई विलास नहीं
  केवल यही प्रार्थना ही है,
  हे ईश्वर इस महामारी को मिटाना ।
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|പേര്=അഞ്ജന
|ക്ലാസ്സ്=9 C
|പദ്ധതി=അക്ഷരവ‌ൃക്ഷം
|വർഷം=2020
|സ്ക‌ൂൾ=ഗവൺമെന്റ് എച്ച് എസ് എസ് മാരായമ‌ുട്ടം
|സ്‌ക‌ൂൾ കോഡ്=44029
|ഉപജില്ല=നെയ്യാറ്റിൻകര
|ജില്ല=തിര‌ുവനന്തപ‌ുരം
|തരം=കവിത
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