"ഗവൺമെൻറ്. എച്ച്.എസ്.എസ് മാരായമുട്ടം/അക്ഷരവൃക്ഷം/आँखें खोलो ईश्वर" എന്ന താളിന്റെ പതിപ്പുകൾ തമ്മിലുള്ള വ്യത്യാസം
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Sathish.ss (സംവാദം | സംഭാവനകൾ) No edit summary |
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| തലക്കെട്ട്= आँखें खोलो ईश्वर | | തലക്കെട്ട്= आँखें खोलो ईश्वर | ||
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}} | }} | ||
<poem> <center> | |||
उस दिन वे आए | |||
जब वे आए | |||
सब लोग परेशान हुए | |||
लेकिन कैसे है यह | लेकिन कैसे है यह | ||
कौन है वह ? | कौन है वह ? | ||
जब हम समझ गए कि | |||
वह है कोरोणा | |||
तब समय जा चुका था | |||
दुनिया भर वह फैल गया था । | |||
जब हाथ दिया जाता है | जब हाथ दिया जाता है | ||
तब वह आता है साथ | तब वह आता है साथ | ||
जब हाथ धोता है साहुन से | जब हाथ धोता है साहुन से | ||
वह चला जाता है । | वह चला जाता है । | ||
उस पर विजय पाने केलिए | |||
हमें सामूहिक दूरी बनाए रखना है | |||
उसके आगमन को रोकने केलिए | |||
घरों में ही रहना है । | |||
घरों में खुशियाँ आयी | घरों में खुशियाँ आयी | ||
दोस्त बन गए किताबें | दोस्त बन गए किताबें | ||
मुक्त हो गे लोग समय के बंधन से | मुक्त हो गे लोग समय के बंधन से | ||
बन गए रिश्ते सफल । | बन गए रिश्ते सफल । | ||
खुश हुए पशु- पक्षी और धर्ती माँ | |||
कोई त्योहार नहीं , कोई विलास नहीं | |||
केवल यही प्रार्थना ही है, | |||
हे ईश्वर इस महामारी को मिटाना । | |||
</poem> | |||
{{BoxBottom1 | |||
| പേര്= അഞ്ജന | |||
| ക്ലാസ്സ്= 9C | |||
| പദ്ധതി= അക്ഷരവൃക്ഷം | |||
| വർഷം=2020 | |||
| സ്കൂൾ=ഗവ.എച്ച് എസ് എസ് മാരായമുട്ടം | |||
| സ്കൂൾ കോഡ്=44029 | |||
| ഉപജില്ല=നെയ്യാറ്റിൻകര | |||
| ജില്ല= തിരുവനന്തപുരം | |||
| തരം=കവിത | |||
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[[വർഗ്ഗം:അക്ഷരവൃക്ഷം 2020 ഹിന്ദി രചനകൾ]] | |||