दहलीज़ पे आह खड़े हैं हम
तेरेलिये ....... तेरेलिये.......
बन चुकी हूँ दिलसे तेरी .....
तुझ में आके रुकती है ये
राहे .....
खो गया दिल भी ये
तुझ में ....
दूर हो फिर पास हो तुम
दिल में तेरा ही खयाल है..
हूँ मैं ज़िंदा तुझसे ही
सनम
दहलीज पे आह खड़े हैं हम
तेरेलिये..... तेरेलिये